किस्सा पन्ना बाई और जगत ‘भ्रमर’ का!

‘पाखी’ में मेरी एक कहानी आई है। मुजफ्फरपुर के चतुर्भुज स्थान की गुमनाम गायिका पन्ना बाई से जुड़े किस्सों को…

कोई हो जा सकता है अंधा, लंगड़ा, बहरा, बेघर या पागल…

युवा कवि-लेखक हरेप्रकाश उपाध्याय को अपने उपन्यास ‘बखेड़ापुर’ के लिए भारतीय ज्ञानपीठ का लखटकिया नवलेखन पुरस्कार मिला है। उपन्यास में…

आज किसने द्वार मेरा भूल से खटका दिया है

वे यश के लिय नहीं लिखती हैं, न ही आलोचकों के सर्टिफिकेट के लिए, न किसी पुरस्कार के लिए। साहित्य…

कुछ चिनार के पत्ते, झेलम का पानी और मिट्टी…

हाल के वर्षों में जयश्री रॉय ने अपनी कहानियों के माध्यम से हिन्दी जगत में अपनी बेहतर पहचान बनाई है।…

अखिलेश के पुरस्कृत उपन्यास ‘निर्वासन’ का अंश

नब्बे के दशक के आखिरी वर्षों में लेखन शुरू करने वाले लेखकों के लिए अखिलेश बतौर लेखक-संपादक एक प्रतिमान की…

रेणु तन्मयता से किसानी करने वाले लेखक हैं

आज ही के दिन 1921 में हिन्दी के युगांतकारी लेखक फणीश्वरनाथ रेणु का जन्म हुआ था। आज उनको याद करते…

शब्दकोश बनाना या छापना-छपवाना किसी विश्वविद्यालय का काम नहीं हो सकता

कल जनसत्ता संपादक ओम थानवी ने महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार करवाए गए और भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित…

हिंदी के शब्दों का हिंदी में खुलासा

‘जनसत्ता’ संपादक, बेहतरीन गद्यकार ओम थानवी भाषा, भाषा प्रयोग को लेकर गंभीरता से लिखने वाले विचारकों में हैं। कई बार…

सपनों की चाबी किसी ईश्वर के हाथ नहीं होती

कमल जीत चौधरी की कवितायें मैंने देर से पढ़ी। इसका अफसोस है की क्यों देर से पढ़ी। इनकी कवितायें पढ़ते…

ये दिये रात की जरूरत थे’ उपन्यास का एक अंश

सुपरिचित कथाशिल्पी कविता का दूसरा उपन्यास ‘ये दिये रात की जरूरत थे’बहुरूपिया कलाकारों के जीवन–संघर्ष और उनके सांस्कृतिक–ऐतिहासिक महत्व को…

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